सीमा विवाद हल को भूटान चीन ने दी रोडमैप को मंजूरी

October 15, 2021

भूटान और चीन ने अपने सीमा विवाद को लेकर बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाने के मकसद से एक त्रिचरणीय रोडमैप को स्वीकृति प्रदान करते हुए बृहस्पतिवार को इस आशय के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

एक वर्चुअल बैठक में भूटान के विदेशमंत्री ल्योन्पो तांदी दोर्जी और चीन के सहायक विदेशमंत्री वू जियांगहाओ ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

समझौता ज्ञापन की प्रतियों को बाद में राजनयिक माध्यम से एक-दूसरे को सौंपा जाएगा। भूटान के विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। भूटान एवं चीन के बीच सीमा को लेकर बातचीत 1984 में शुरू हुई थी और दोनों पक्षों के बीच सीमा मसले पर 24 दौर और विशेषज्ञ समूह की दस दौर की बैठकें हो चुकीं हैं।

ये बातचीत 1988 में सीमा विवाद के समाधान के दिशानिर्देशक सिद्धांतों के संयुक्त दस्तावेज तथा 1998 के भूटान-चीन सीमा पर शांति, स्थिरता एवं यथास्थिति बरकरार रखने के समझौते के आलोक में हो रही है।

विज्ञप्ति के अनुसार इस वर्ष अप्रैल में कुनिंमग में विशेषज्ञ समूह की दसवीं बैठक के दौरान दोनों पक्ष इस तीन चरण वाले रोडमैप पर सहमत हुए थे जिससे सीमा मसले को लेकर जारी बातचीत की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी।

समझौते पर भारत की नजर
भूटान ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उसने चीन के साथ काफी समय से लंबित सीमा विवाद को सुलझाने के लिए ‘तीन चरणों के खाके’ पर सहमति व्यक्त की है। इस घटनाक्रम पर भारत ने कहा कि उसने इस पर संज्ञान लिया है। इस संबंध में भूटान और चीन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं।

चार वर्ष पहले डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के बीच 73 दिनों तक गतिरोध कायम रहा था, जब चीन ने इस क्षेत्र में सड़क का विस्तार करने का प्रयास किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हमने आज भूटान और चीन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने पर संज्ञान लिया है।


वार्ता/भाषा
थिम्पू/नई दिल्ली

 
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