आत्मनिर्भर भारत का गोवा मॉडल : गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत

March 8, 2021

आत्मनिर्भर भारत का गोवा मॉडल, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सहारा समय की खास बातचीत।

पर्यटकों के स्वर्ग गोवा को अब स्टार्टअप्स का स्वर्ग बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ गोवा ने स्वयंपूर्ण गोवा का सपना भी देखा है। कोरोना काल में गोवा सबसे सुरक्षित जगह रही लेकिन पर्यटन उद्योग की तालाबंदी ने गोवा के सामने आर्थिक चुनौतियां भी पेश की हैं। किस तरह अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा और कैसे पूरा होगा स्वयं पूर्ण का गोवा का सपना जैसे तमाम मुद्दों पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से एक्सक्लूसिव बात की सहारा समय के डिजिटल सिनर्जी मैनेजर डॉ. प्रवीण तिवारी ने।

सवाल- कोरोना काल में गोवा सुरक्षित रहा लेकिन टूरिज्म इंडस्ट्री को लगे झटके की मार भी सबसे ज्यादा गोवा को ही झेलनी पड़ी। इस झटके से उबरने के लिए गोवा सरकार ने क्या रणनीति बनाई है।

जवाब- ये बात सही है कि इकॉनामी को झटका लगा लेकिन इससे उबरकर सबसे पहले टूरिज्म को शुरू करने वाल गोवा देश का पहला राज्य है। अब विदेशी पर्यटकों की तादाद भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। स्टार्टअप्स अपने इनोवेटिव आइडिया के जरिए पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने पर काम कर सकते हैं। देश में स्टार्टअप इको सिस्टम के लिए गोवा में बहुत संभावनाएँ हैं। हमने स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं के अलावा कुछ और सुविधाएं स्टार्टअप्स को दी है। इसके लिए बाकायदा नई पॉलिसी और नई विंग का गठन किया गया है। यदि स्टार्टअप गोवा का रुख करते हैं तो उनके डेवलपमेंट की जबरदस्त संभावनाएं यहां पर हैं। खास तौर पर फार्मा इंडस्ट्री, टूरिज्म इंडस्ट्री, ईवेंट मैनेजमेंट स्टार्टअप्स और फिल्म या डाक्यूमेंट्रीज से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि अच्छे आइडिय़ा को पूरा सहयोग मिले।

सवाल- गोवा में स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत करने के क्या प्रयास हो रहे हैं? किन-किन क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के लिए ज्यादा संभावनाएं हैं?

जवाब- हमारी आईटी स्टार्टअप पॉलिसी पहले से ही कई स्टार्टअप्स को गोवा में आकर्षित करती है। आईटी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स हम तक पहुंच रहे हैं लेकिन हमारा मकसद नॉन आइटी सेक्टर के स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देना है। खास तौर पर उद्योगों और कृषि पर आधारित स्टार्टअप्स को लेकर भी हम नई पॉलिसी ला रहे हैं। हमारा इनोवेशन सेल लगातार युवाओं के बीच जाकर जमीनी कार्य कर रहा है। गोवा में इन्वेस्टर्स भी खासी रुचि रखते हैं यही वजह है कि यहां स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन संभावनाएं मौजूद है। शिपिंग, फार्मा और कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स के लिए गोवा भी बहुत संभावनाएं हैं।  

सवाल- जहां चुनौतियां है वहीं स्टार्टअप्स के लिए संभावनाएं होती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है। आप गोवा में ऐसी कौन सी चुनौतियों को देखते हैं जिनमें स्टार्टअप्स आपकी मदद कर सकते हैं?

जवाब- मैं आपकी बात से सहमत हूं खास तौर पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर करने में स्टार्टअप्स काफी मदद कर सकते हैं। प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां होती है, चाहे वो पी डबल्यू डी, हो, रेवेन्यू, सीवरेज, वॉटर सप्लाय या रोड ही क्यों ना हो। सभी विभागों के लैंड रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना भी एक चुनौती है। ऐसी ही कई चुनौतियां हमारे सामने आती है जिन्हें दूर करने में स्टार्टअप्स हमारी मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भी कई चुनौतियां हैं जिनके समाधान के साथ स्टार्टअप्स सामने आ सकते हैं।

सवाल- स्टार्टअप इंडिया के तहत दी गई सुविधाओं के अलावा गोवा सरकार और क्या सुविधाएं स्टार्टअप्स को दे रही हैं?

जवाब- हमारी आईटी स्टार्टअप पॉलिसी पहले से ही है जिसके तहत डायरेक्ट इन्सेटिव या डायरेक्ट इंटरेस्ट सब्सिडी स्टार्टअप्स को पहले से ही दी जा रही है। हम इस पॉलिसी को और बेहतर करते हुए नॉन आईटी स्टार्टअप्स को भी शामिल कर रहे ताकि उन्हें भी गोवा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ मिल सके। जो स्टार्टअप्स गोवा के ही युवाओं को रोजगार देते हैं उन्हें भी हम खास रियायत देते हैं।

सवाल- आत्मनिर्भर भारत के सपने को गोवा में कैसे लागू कर रहे हैं?

जवाब- हम सौ फीसदी इस सपने को पूरा करने में लगे हैं इसी के तहत हमें स्वयं पूर्ण गोवा अभियान की भी शुरुआत की है। जिसके तहत सबसे पहले वंचितों तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हम पहला राज्य होंगे जहां ग्राम पंचायत स्तर तक हमारा सरकारी अधिकार हर शनिवार को पहुंचता है और सरकार की हर योजना के बारे में जानकारी देता है। अभी तक हमने बड़ी तादाद में ग्राम पंचायतों और म्युनिसिपल कॉरोपोरेशन्स को कवर कर लिया है। हमारी कोशिश है कि गोवा के हर व्यक्ति तक हम जल्द जल्द पहुंचे।

सवाल- जलशक्ति मंत्रालय ने पानी के लिए बड़ा बजट रखा है। पानी को लेकर गोवा में क्या संभावनाएं हैं?

जवाब- हर घर नल से जल पहुंचाना वाला भी गोवा पहला राज्य बन गया है। जलशक्ति अभियान के तहत हमें इसके लिए मदद मिली है साथ ही गोवा नदियों से भी घिरा हुआ जिनसे हमें हमेशा पानी मिलता रहता है। नदियों के संरक्षण और संवर्धन के काम में भी हम लगे हुए हैं। वर्षा के जल को संरक्षित करने एवं अन्य प्रयासों में स्टार्टअप्स अपनी इनोवेटिव तकनीक के साथ आ सकते हैं।


डॉ. प्रवीण तिवारी
सहारा समय के डिजिटल सिनर्जी मैनेजर

 
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