देश में कोरोना मामलों में तेजी से वृद्धि ‘‘मोदी निर्मित आपदा’’ : ममता

April 21, 2021

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में कोविड मामलों में तेजी से वृद्धि को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी पर हमला तेज कर दिया और इस स्थिति को ’मोदी-निर्मित आपदा’ करार दिया।

उन्होंने मांग की कि अगर वह बीमारी से लड़ने के लिए पर्याप्त दवा नहीं मुहैया करा सकते तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
ममता ने आरोप लगाया कि महामारी से निपटने के लिए देश में बन रही 65 प्रतिशत दवाओं का निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा, ’कोविड-19 महामारी देश में कम हो गयी थी, लेकिन केंद्र सरकार की भारी विफलता और उसकी लापरवाही तथा अक्षमता के कारण यह फिर से बढ गयी।’’
वह मालदा जिले के चंचल और दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में जनसभाओं को संबोधित कर रही थीं।
पश्चिम बंगाल में अंतिम तीन चरण के चुनाव एक ही दिन कराने का तृणमल कांग्रेस का अनुरोध चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने के बीच ममता ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में महामारी में तेजी से वृद्धि का ध्यान रख रही हैं वहीं अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार भी कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा, ‘‘देश मोदी निर्मित आपदा का सामना कर रहा है। मोदी बाबू को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी कि कोविड के इलाज के लिए दवाइयां बाजार में उपलब्ध क्यों नहीं हैं.. आपको दवाइयां मुहैया करानी होंगी या आप पद छोड़ दें। आप या तो कोरोना को नियंत्रित करें या हट जाएं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए देश में तैयार 65 प्रतिशत दवाओं का निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों को दवाइयां भले ही दी जाएं लेकिन यह भी सुनिश्चित करना होगा कि देश के लोगों को पर्याप्त दवाएं मिलें।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल की रीढ की हड्डी को तोड़ने का प्रयास कर रही है और ‘‘हमने (तृणमूल) भी उसकी रीढ की हड्डी तोड़ने का संकल्प किया है।’’
ममता ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ने की ताकत उनके अलावा किसी और के पास नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल रॉयल बंगाल टाइगर की भूमि है और हम उसके जैसे ही लड़ते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य में राजबंशियों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए काफी काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने सब कुछ किया है- सिर्फ एक ही काम बाकी है- भाजपा को बाहर करना।’’ उन्होंने कहा कि वह राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर या राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लागू नहीं होने देंगी।     ममता ने लोगों से ’वोटों का विभाजन नहीं होने देने’ और एकजुट होकर तृणमूल का समर्थन करने का आग्रह किया।




सरकारी कुप्रबंधन से है कोरोना टीका एवं ऑक्सीजन की कमी: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि भारत दुनिया में वैक्सीन और ऑक्सीजन का निर्माण करने वाला प्रमुख राष्ट्र है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश की जनता को कोरोना वैक्सीन और ऑक्सीजन की कमी का जबरदस्त सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंी नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना विषाणु संक्रमण की स्थिति को लेकर देश को संबोधित किया था लेकिन वह कोई ठोस उपाय बताने की बजाय सिर्फ चिकनी-चुपड़ी बातें करके जनता को बरगलाने का प्रयास करते रहे और महामारी को लेकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए।
उन्होंने कहा कि श्री मोदी के 18 मिनट के भाषण में निराशा थी और कहीं भी जनता के लिए रहमदिली नहीं थी। ऐसा लगता है कि उनकी सरकार के लिए लोगों की जान से ज्यादा जरूरी लाभ कमाना और खास लोगों को फायदा पहुंचाना है।
प्रवक्ता ने कहा कि अपने चंद मिाों के फायदे के लिए मोदी सरकार कुछ भी करने को तैयार रहती है लेकिन आम जनता के हितों पर वह आंख मूंद लेती है। जनता के लिए उसके दिल मे कोई रहम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि जब भारत दुनिया में वैक्सीन का सबसे बड़ा निर्माता और ऑक्सीजन का प्रमुख उत्पादक देश है तो हमारे यहां किस वजह से वैक्सीन और ऑक्सीजन की कमी हो रही है।
श्री माकन ने इस स्थिति के लिए सरकार के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस सरकार में गरीबों के लिए कहीं कोई दया भाव नहीं है।
कांग्रेस  महासचिव ने कहा कि पिछले 15 महीने के दौरान सरकार ने समय की बर्बादी की है  और कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए कोई ढांचागत व्यवस्था विकसित नहीं की। देश की  बहुत छोटी आबादी का ही अब तक टीकाकरण हुआ है जबकि बड़े पैमाने पर टीके का  निर्यात किया गया है। इसी तरह से ऑक्सीजन की कमी से देश जूझ रहा है लेकिन  मुनाफा अर्जित करने के लिए इसका निर्यात किया गया।
उन्होंने कहा कि  सरकार ने देश की जनता की परवाह किए बिना 6.5 करोड़ वैक्सीन का निर्यात किया  और 11 लाख रेमेडिसविर इंजेक्शन को विदेशों को भेजा। ऑक्सीजन का 9300 टन निर्यात किया गया।
प्रवक्ता ने कहा कि पिछले छह महीने के  दौरान सरकार को कोरोना से निपटने की तैयारी कर लेनी चाहिए थी। सबको मालूम था  कि कोरोना की दूसरी लहर आने वाली है लेकिन सरकार ने तैयारी करने की बजाय छह महीने के दौरान 11 लाख रेमेडिसविर इंजेक्शन का निर्यात किया और 10 दिन पहले  ही इसका निर्यात रोका गया है।
श्री माकन ने कहा कि गुजरात के भाजपा अध्यक्ष  ने कहा है उन्होंने 5000 इंजेक्शन एक कंपनी से लिए हैं और उनका स्टॉक किया  है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना काल में जिन व्यापारियों और नेताओं ने  कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए और कार्रवाई की  जानी चाहिए।


भाषा
मालदा/हरिरामपुर (पश्चिम बंगाल)

 
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