राजस्थान में 21 दिव्यांग जोड़े शारीरिक दूरी के साथ ही दहेज न लेने के लिए करेंगे प्रोत्साहित

July 28, 2021

उदयपुर में 21 दिव्यांग जोड़ों ने कोविड-19 के उचित व्यवहार के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ ही सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत से नो टू डाउरी (दहेज को ना) का समर्थन करने का फैसला किया है।

नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने आईएएनएस को यह जानकारी दी।

अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान के उदयपुर शहर में एक सामूहिक विवाह समारोह में शादी के बंधन में बंधने के दौरान कुल 21 दिव्यांग और वंचित जोड़ों ने फैसला किया है कि वह 19 साल पुराने प्रमुख अभियान का समर्थन करते हुए से नो टू डाउरी यानी दहेज नहीं लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेंगे। इस दौरान यह दिव्यांग जोड़े कोविड महामारी को देखते हुए सामाजिक दूरी के सभी मानदंडों का पालन करेंगे, खुद भी मास्क पहनेंगे और दूसरों को भी यह संदेश देंगे।

उन्होंने कहा, नारायण सेवा संस्थान (एनएसएस) सितंबर में 36वीं सामूहिक शादी का आयोजन करेगा। हमारी टीम चल रही महामारी के दौरान सभी सुरक्षा उपायों का पालन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमारी रणनीति किसी भी खतरे से बचने के लिए सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करना है। आगामी सामूहिक विवाह समारोह की योजना बनाई गई है, जहां एक सामाजिक जागरूकता अभियान दहेज को ना कहें के साथ शादी के दौरान जोड़े और शुभचिंतक मास्क पहनकर एक-दूसरे से दूरी बनाए रखेंगे।



इससे पहले 2020 में कुल 47 अलग-अलग दिव्यांग, वंचित जोड़े यहां एक सामूहिक विवाह समारोह में शादी के बंधन में बंध गए थे।

यहां 35वें सामूहिक विवाह समारोह तक शारीरिक रूप से अक्षम 2098 जोड़े शादी के बंधन में बंध चुके हैं।

पिछले कुछ महीनों में एनएसएस महामारी के दौरान गरीबों की मदद करने और जरूरतमंदों की मदद करने में काफी व्यस्त रहा है।

हाल ही में, इसने भुवनेश्वर, ओडिशा में 109 नेत्रहीन जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन किट वितरित किए। इसके अलावा, यह कोविड-19 के दौरान विभिन्न अभियान चला रहा है, जैसे कि पूरे भारत में मुफ्त कोरोना दवा किट का वितरण, भोजन वितरण और मुफ्त राशन किट। अब तक 3050 एनएसएस कोरोना दवा किट, 217958 भोजन पैकेट वितरण और 31313 राशन किट जरूरतमंद परिवारों को दिए जा चुके हैं।

नई घोषणा में, अब यह एनजीओ जयपुर, अमरोहा, उदयपुर, मथुरा, भुवनेश्वर और कैथल में भी जरूरतमंदों को कोविड की लहर से लड़ने के लिए राशन किट वितरित करेगा। इन शिविरों में मास्क है जरूरी जैसे अभियान के तहत सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की जा रही है।

अग्रवाल ने कहा, हम जागरूकता अभियान बनाकर और अपने अभियानों के माध्यम से मास्क और स्वच्छता किट प्रदान करके तीसरी कोविड लहर और इसकी चुनौतियों की तैयारी करने की योजना बना रहे हैं।


आईएएनएस
जयपुर

 
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