
ट्रंप की ओर से जवाबी टैरिफ लगाने के फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी हुई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 592.93 अंक या 0.78 प्रतिशत चढ़कर 76,617.44 और निफ्टी 166.65 या 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,332.35 पर था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जवाबी टैरिफ को लेकर फैसला बुधवार को लिया जाना है और माना जा रहा है कि इस फैसले का असर दुनियाभर के कारोबार पर हो सकता है।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अधिक खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 823.60 अंक या 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,053.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 179.50 अंक या 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,162.45 पर बंद हुआ।
सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फिन सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रा समेत सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव दर्शाने वाला इंडिया विक्स 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 13.72 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में जोमैटो, टाइटन, इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, सन फार्मा, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स थे। नेस्ले, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं के बाद भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। इसका मतलब है कि बाजार को लग रहा है कि टैरिफ का घरेलू अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम असर होगा। भारत की मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आठ महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण भी बाजार सकारात्मक बंद हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला था। सुबह 9:35 पर सेंसेक्स 456.65 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,481.16 और निफ्टी 102 अंक या 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,268 पर था।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1 अप्रैल को लगातार दूसरे सत्र में बिकवाली जारी रखी और 5,901 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार तीसरे दिन खरीदारी जारी रखी और उसी दिन 4,322 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
आईएएनएस नई दिल्ली |
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