आईएस साजिश मामले में 15 को कठोर कारावास

October 18, 2020
- सहारा न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की एक अदालत ने आईएसआईएस साजिश मामले में पहले दोषी ठहराए जा चुके 15 लोगों को शुक्रवार को 5 से 10 वर्षो की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामला सीरिया स्थित आईएस मीडिया प्रमुख युसूफ-अल-हिंदी की ओर से भारतीय मुस्लिम युवाओं के संगठन में भर्ती से जुड़ा हुआ है। दरअसल यूसुफ मुस्लिम युवाओं को आतंकी संगठन के लिए चुनना चाहता था और उनसे भारत में आतंकवादी गतिविधि करवाना चाहता था। एनआईए के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया, दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को आईएसआईएस साजिश मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ सजा की घोषणा की है।

एनआईए की विशेष कोर्ट ने नफीस खान को 1,03,000 रुपए के जुर्माने के साथ 10 वर्ष का कठोर कारावास, मुदब्बीर मुस्ताक शेख को 65,000 जुर्माने के साथ सात वर्ष का कठोर कारावास, अबु अनस को 48,000 जुर्माने के साथ सात साल, मुफ्ती अब्दुस सामी को 50,000 रुपए जुर्माने के साथ सात साल, अजहर खान को 58,000 रुपए के जुर्माने के साथ छह वर्ष की सजा और अमजद खान को 78,000 रुपए के जुर्माने के साथ छह वर्ष की कठोर सजा सुनाई है।

वहीं एनआईए कोर्ट ने मो.  शरीफ मोईनुदीन, आसिफ अली, मो. हुसैन, सैयद मुजाहिद, नजमुल हुडा, मो. अब्दुल्ला, मो. अलीम, मो. अफजल, सोहेल अहमद को पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 38,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। एनआईए ने 9 दिसम्बर 2015 को कई धाराओं में मामला दर्ज किया था, जिसके तहत आईएसआईएस की योजना भारत में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मुस्लिम युवकों की भर्ती करना था।


 
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