
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ मुसलमानों को प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का बचाव करते हुए कहा है कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं।
आदित्यनाथ ने मुसलमानों से कहा कि वे हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जो विशाल महाकुंभ मेले में शामिल हुए लेकिन इस दौरान अपराध, तोड़-फोड़ या उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई।
मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ उनके प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी पर उठे विवाद के बारे में मुख्यमंत्री ने सरकार के कदम का दृढ़ता से बचाव करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा, सड़क चलने के लिए होती है और जो लोग इस फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं उन्हेंंिहदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। कुल 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए।
कहीं कोई लूटपाट नहीं, कहीं कोई आगजनी नहीं, कहीं कोई छेड़खानी नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यह होता है अनुशासन.. यह है धार्मिक अनुशासन.. अगर आपको सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन को भी मानना सीखिए।
राजनीति मेरे लिए ‘फुल टाइम‘ जॉब नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राजनीति उनके लिए ‘फुल टाइम जॉब’ नहीं है और वह दिल से योगी हैं। योगी आदित्यनाथ ने लोगों के एक वर्ग द्वारा उन्हें भारत के भावी प्रधानमंत्री के तौर पर देखे जाने के सवाल पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए यह जवाब दिया।
आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू के दौरान उनके और भाजपा के केंद्रीय नेताओं के बीच मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा, वह पार्टी की वजह से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं।
उन्होंने कहा, केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद करके क्या मैं यहां पर बैठा रह सकता हूं? उन्होंने कहा, बोलने के लिए कोई कुछ भी बोल सकता है किसी का मुंह बंद थोड़े ही कर सकते हैं।
आदित्यनाथ ने संभावित प्रधानमंत्री के रूप में उनके प्रति बढ़ते समर्थन के बारे में पूछे जाने पर कहा, राजनीति मेरे लिए एक ‘फुल टाइम जॉब’ नहीं है। इस समय मैं यहां काम कर रहा हूं लेकिन वास्तविकता में मैं हूं तो एक योगी ही।
भाषा लखनऊ |
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