
चैत्र नवरात्रि पंचमी तिथि को दिल्ली के ऐतिहासिक कालकाजी मंदिर में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंगलवार तड़के से ही माता कालकाजी के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो दिन चढ़ने के साथ और लंबी होती जा रही है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्तों की आस्था देखते ही बन रही थी, क्योंकि वे घंटों प्रतीक्षा के बाद भी माता के चरणों में शीश झुकाने को आतुर नजर आ रहे है।
मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया। एक भक्त ने दर्शन के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "माता के दर्शन से मन को अपार शांति मिलती है। हमारी आस्था है कि मां हर मनोकामना पूरी करती हैं। यह सौभाग्य की बात है कि हमें यहां आने का मौका मिला।"
वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने बताया, "सुबह से ही भक्तों की भीड़ बढ़ रही है और दिन के साथ यह संख्या और अधिक होने वाली है।"
मंदिर प्रशासन और पुजारियों का कहना है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान हर साल लाखों की संख्या में भक्त माता कालकाजी के दर्शन को आते हैं। इस बार भी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। स्थानीय पुलिस भी अलर्ट मोड पर है ताकि भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
कालकाजी मंदिर, जो दिल्ली के प्राचीन और पवित्र मंदिरों में शुमार है, नवरात्रि के दिनों में विशेष रूप से गुलजार हो उठता है। मान्यता है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद माता कालका पूरी करती हैं।
चैत्र नवरात्रि की आज पंचमी तिथि है और मां स्कंदमाता को पूजा जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन है, जबकि रवि योग सुबह में है। मां की पूजा 3 शुभ योग में की जा सकती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार स्कंदमाता की पूजा करने से संतान प्राप्ति का योग बनता है।
स्कंदमाता का अर्थ है स्कंद कुमार की माता और स्कंद कुमार भगवान कार्तिकेय को कहा जाता है, जिनकी मां देवी पार्वती हैं और इनकी गोद में भगवान कार्तिकेय विराजे हैं।
आईएएनएस नई दिल्ली |
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